यूपी में आजमगढ़ के सिधारी निवासी भूपेंद्र वीर सिंह ने अंसल कंपनी व चार अन्य पर प्लॉट के नाम पर उनसे व पश्चिम बंगाल में रहने वाले रिश्तेदार नितिन नरसरिया से 43 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
भूपेंद्र वीर ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले अंसल कंपनी के जरिये पीजीआई इलाके में रहने वाले डॉक्टर नारायण प्रसाद और उनकी पत्नी रेनू से 25 लाख में प्लॉट खरीदा था। जबकि, रिश्तेदार नितिन अभिषेक से 18 लाख में प्लॉट लिया था।
पीड़ित ने बताया के बाद में उन्हें पता चला कि बिना अंसल कंपनी से एनओसी हासिल किए ही वे अपने प्लॉट किसी और को बेच नहीं सकते हैं। इसके बावजूद अंसल कंपनी के मालिकों ने कंसोरसियम कंपनी के मालिक कृष्णा आजाद, आदेश कुमार, विजय और श्रवण कुमार से मिलीभगत की। उनके और रिश्तेदार के प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बनवाए और उस पर कब्जा कर लिया।
उनका आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। परेशान होकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। विवेचना में जो भी साक्ष्य मिलेंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
