झांसी में सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की बुधवार को मौत से लखनऊ जिला जेल में बंद उसका बड़ा भाई उमर देर रात तक अनजान रहा। जेल सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से उसे हादसे की कोई सूचना नहीं दी गई। ऐसे में शुक्रवार सुबह अखबार पढ़ने के बाद ही उसे छोटे भाई की मौत की जानकारी मिलने की संभावना है।
सूत्रों की माने तो, उमर जिस बैरक में बंद है, वहां टीवी की सुविधा नहीं है। यही कारण है कि वह इसे हादसे से अनजान रहा। जेल परिसर में हादसे की चर्चा जरूर रही, लेकिन जेल कर्मियों ने भी इसकी सूचना उमर तक नहीं पहुंचाई। दरअसल, सुरक्षा कारणों से बंदियों तक इस तरह की सूचनाएं सीधे नहीं पहुंचाई जातीं। आधिकारिक तौर पर भी उमर को घटना की जानकारी दिए जाने की पुष्टि नहीं की गई।
आबान चार भाइयों में सबसे छोटा था और झांसी जिला जेल में बंद अपने भाई अली से मिलने के लिए जा रहा था। तभी रास्ते में हादसा हो गया। जेल सूत्रों के मुताबिक, उमर की बैरक में टीवी नहीं लगा है। ऐसे में उसे देर रात तक हादसे की जानकारी नहीं मिल सकी। माना जा रहा है कि शुक्रवार सुबह रोज की तरह अखबार मिलने के बाद ही वह छोटे भाई आबान की मौत की खबर से रूबरू हो सकेगा।
