यूपी के सीतापुर में ऐतिहासिक घंटाघर के ऊपरी हिस्से में नजूल भूखंड पर बने कांग्रेस शहर कमेटी कार्यालय को 55 वर्ष बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने खाली करा दिया। डीएम डॉ राजा गणपति आर.के निर्देश पर एसडीएम सदर डॉ जनार्दन व तहसीलदार सदर अजीत जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस बल की मौजूदगी में नगर पालिका और तहसील की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्यालय को खाली कराने के बाद परिसर पर कब्जा ले लिया। दरवाजे पर मजिस्ट्रेटी सील लगा दी गई।
यह मामला तामसेनगंज स्थित प्लॉट संख्या 244/1 से जुड़ा है। नगर पालिका की जांच में यह जमीन सरकारी नजूल की पाई गई थी। कांग्रेस जिला कमेटी ने दावा किया वर्ष 1971 से यहां कार्यालय संचालित हो रहा है। पालिका ने कार्यालय के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मांगे थे। इसके जवाब में कांग्रेस की ओर से छह फरवरी 1971 की 320 रुपये की रसीद प्रस्तुत की गई।
पालिका के अनुसार, जांच में सामने आया कि करीब 55 साल से इस संपत्ति का किराया नहीं दिया गया। इसके बाद पालिका ने बेदखली का आदेश जारी किया था। एसडीएम सदर डॉ जनार्दन ने बताया कि नगर पालिका को परिसर का कब्जा दे दिया गया है।
14 अगस्त को हाईकोर्ट से भी मिला था झटका
कांग्रेस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और अंतरिम राहत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान नगर पालिका और राज्य सरकार की ओर से अवैध कब्जे का विरोध किया गया। अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से संपत्ति पर अधिकार साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने 14 अगस्त को अंतरिम राहत की अर्जी खारिज कर दी थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि हाईकोर्ट ने 1 अक्तूबर लगाई है।
कांग्रेस कमेटी से वसूला जाएगा खर्च
एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन ने बताया कि यह नजूल भूखंड है। प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वहां बने कांग्रेस शहर कमेटी कार्यालय को खाली कराया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यालय खाली कराने के दौरान प्रशासन और नगर पालिका की ओर से जो खर्च हुआ है, उसकी वसूली संबंधित पक्ष से की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने बताया कि नजूल भूमि पर नियमानुसार ही कब्जा और उपयोग सुनिश्चित कराया जाएगा।
