उत्तर प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को भी कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। पंचायती राज विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन स्तर पर नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत प्रस्ताव पर मंथन चल रहा है। यदि मंजूरी मिलती है तो पंचायत चुनाव होने तक अध्यक्ष और प्रमुख प्रशासक के रूप में काम कर सकेंगे।
प्रदेश में 57,694 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हुआ था। इससे पहले सरकार ने सभी ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया था। अब जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के कार्यकाल समाप्त होने के मद्देनजर इसी तरह की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को पूरा हो रहा है। ब्लॉक प्रमुख संघ पहले ही कार्यकाल समाप्ति के बाद प्रशासक बनाए जाने की मांग उठा चुका है। इसके बाद पंचायती राज निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा।
सूत्रों के मुताबिक पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अधिकारियों को नियम-कायदों के अनुरूप प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले ग्राम प्रधानों ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड की तर्ज पर प्रशासक बनाए जाने की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था। अब जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों को भी इसी तरह का लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
