देव स्नान पूर्णिमा पर महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) की ओर से भगवान श्रीजगन्नाथ का महाअभिषेक महोत्सव मनाया गया। पंच तीर्थों के जल, पंचामृत, फलों के रस एवं 251 कलशों से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का मंत्रोच्चार के बीच महाभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान ने गजानन स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। इसके बाद पूरा परिसर जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण, हरे राम के जयघोष से गूंज उठा। महोत्सव से पूर्व सुबह भगवान श्रीजगन्नाथ की पालकी यात्रा मंदिर से मृदंग, मंजीरों और हरिनाम संकीर्तन के साथ महाराजा अग्रसेन भवन तक निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अभिषेक से पूर्व मंगलाचरण, गीत गोविंद एवं षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया गया। वृंदावन इस्कॉन से पधारे राधेश्याम महाराज, प्रबोधानंद सरस्वती स्वामी, देशावतार प्रभु, श्रीभक्ति आश्रय, वैष्णव स्वामी महाराज, पंचतत्व प्रभु, केशव मुरारी प्रभु, हरविजय प्रभु, बैकुंठ प्रभु तथा आगरा इस्कॉन के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने महाअभिषेक कराया। गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा और महानदी के जल सहित पंचामृत व फलों के रस के 251 कलशों से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान का गजानन स्वरूप में विशेष शृंगार कर 56 भोग अर्पित किए गए। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस्कॉन यूथ फोरम के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने मृदंग और मंजीरों की संगत से प्रस्तुति दी। श्रद्धालुओं ने भगवान के नाम की मेहंदी भी लगवाई और माथे पर चंदन लगाकर दर्शन किए। अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने बताया कि स्नान पूर्णिमा के महाअभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ 14 जुलाई तक अनवसर (विश्राम) काल में रहेंगे। इस अवधि में उन्हें चावल और रोटी का भोग नहीं लगाया जाएगा। खिचड़ी, दलिया एवं औषधीय प्रसाद अर्पित किया जाएगा। 15 जुलाई को नवयौवन वेश में दर्शन होंगे। 16 जुलाई को बल्केश्वर महादेव मंदिर से भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस मौके पर अभिषेक में जितेन चौहान, डीसीपी अभिषेक अग्रवाल, मेयर हेमलता दिवाकर, मानसी अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, अशु मित्तल, कामता प्रसाद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, शैलेश बंसल, डॉ. विजय किशोर बंसल आदि मौजूद रहे।
