प्रशांत महासागर में अल नीनो के मजबूत होने से मानसूनी बारिश कम होने और सूखा पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन अल नीनो प्रभाव में भी बारिश होती है। सिर्फ सूखे दिनों की संख्या बढ़ जाती है। बारिश के दिनों के बीच की अवधि लंबी हो जाती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चला कि अल नीनो प्रभाव के मजबूत होने से जून में बारिश कम हुई लेकिन सितंबर-अक्तूबर तक खिंच गई।
