आगरा। फ्रांस में हुए जी-7 सम्मेलन में सातों (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) देशों ने कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। साझा घोषणापत्र में 2050 तक कैंसर के मामलों में 80 फीसदी बढ़ने की आशंका जताई है। आगरा की बात करें तो यहां हर महीने दो हजार नए मरीज मिल रहे हैं। इसमें 25 फीसदी मरीज युवा हैं।
आगरा कैंसर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहर में कैंसर रोग विशेषज्ञ करीब 25 चिकित्सक हैं। इनके यहां पर हर महीने 2000 नए मरीज आ रहे हैं। इनमें 35 साल से कम उम्र के करीब 25 फीसदी हैं। कुल मरीजों में महिलाओं की संख्या 20 फीसदी है। इनमें सबसे ज्यादा स्तन कैंसर मिल रहा है। पुरुषों में सबसे ज्यादा मुख-गले का कैंसर मिल रहा है।
हालत यह है कि 65-70 फीसदी मरीज अंतिम स्टेज पर आते हैं, जिसमें इलाज-सर्जरी के ज्यादा विकल्प नहीं बचते हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर सर्जन डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि हर महीने में कैंसर के 35 से अधिक मरीजों के ऑपरेशन हो रहे हैं। इसमें 25 बड़े ऑपरेशन होते हैं। इनमें 20-50 साल के सबसे ज्यादा मरीज हैं। बचाव के लिए तंबाकू-धूम्रपान से पूरी तरह से बचें और बालिकाएं एंटी सर्वाइकल वैक्सीन लगवाएं।
बीते साल एसएन में आए 1911 नए मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग की डॉ. सुरभि गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 60-70 मरीजों का उपचार हो रहा है। बीते साल 1911 नए मरीज आए। इसमें 977 मरीज मुख, गले और जीभ के कैंसर के रहते हैं। महिलाओं में सबसे ज्यादा स्तन कैंसर मिला। इसके मरीजों की संख्या 602 है। बाकी के पित्त की थैली, खाने की नली और आंत का कैंसर, फेफड़े समेत अन्य अंगों का कैंसर है।
कैंसर के लक्षण
शरीर के किसी भी हिस्से में बिना दर्द वाली कठोर गांठ का होना।
वजन का तेजी से कम होना, भरपूर आराम के बाद भी थकान-कमजोरी।
मुंह में छाला, अन्य घाव ठीक न हो, मल-पेशाब में खून आना।
भोजन को निगलने में परेशानी होना, आवाज बैठना, आवाज बदलना।
