तीन दिन पहले खुशी, मां ममता व 12 वर्षीय भाई हर्ष के साथ मैनपुरी के नगला पजाबा स्थित अपनी ननिहाल गई थी। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे वह ननिहाल से यह कहकर निकली कि घर से कपड़े लेने शिकोहाबाद जा रही है। इसके बाद मोबाइल बंद आने पर मामा अवनीश उसकी तलाश में शिकोहाबाद पहुंचे तो वहां घर पर ताला लटका था।
पूछने पर पड़ोसियों ने बताया कि खुशी को अरुण के साथ देखा था। रात 9:30 बजे के करीब मामा ने शिकोहाबाद थाने में अरुण के खिलाफ भांजी को बहलाकर ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि दोनों पड़ाव लाला की सराय गली-2 स्थित बंद घर के अंदर ही छिपे हैं।
पुलिस मोहल्ले में पहुंची तो लोग भी जमा हो गए। इस बीच खुद को घिरता देख अरुण और खुशी ने रसोईघर में जाकर एक-दूसरे से अपने पैर बांध लिए और ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली। खिड़की से लपटें और शोर सुनकर पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा और जैसे-तैसे आग बुझाई। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों 75 प्रतिशत से अधिक झुलसे थे।
पहला प्रेमी जेल में, सोशल मीडिया के जरिये हुई थी दूसरे से मुलाकात
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के मोहल्ला पड़ाव लाला की सराय गली-2 में प्रेमी के साथ पैर बांधकर डीजल उड़ेलकर आत्महत्या करने वाली 18 वर्षीय खुशी का यह पहला प्यार नहीं था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि खुशी इससे पहले अपने एक और प्रेमी फैसल अब्बासी को जेल भिजवा चुकी थी।




