कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अयोध्या दौरे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। तारुन में अजय राय के स्वागत कार्यक्रम में सावन माह और एकादशी के दिन मछली भोज आयोजित किए जाने को लेकर संत समाज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। संतों ने इसे सनातन आस्था का अपमान और रामनगरी की धार्मिक मर्यादा के साथ खिलवाड़ करार देते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
संतों ने कहा कि अयोध्या में राजनीतिक कार्यक्रमों का स्वागत है, लेकिन रामनगरी की आस्था और परंपराओं की कीमत पर राजनीति नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने और अजय राय से सनातन समाज से माफी मांगने की मांग की है। मछली भोज के आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मछली की मात्रा दो कुंतल से अधिक होने की बात भी कही जा रही है। वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
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सामने आ गई कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता
– महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि कांग्रेस को अयोध्या की धार्मिक परंपराओं और यहां की आस्था की समझ नहीं है। सावन और एकादशी जैसे पवित्र अवसर पर मांसाहारी भोज का आयोजन कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। अयोध्या में राजनीति करने से पहले कांग्रेस नेताओं को यहां की मर्यादा समझनी चाहिए। भगवान राम की नगरी में सनातन भावनाओं से खिलवाड़ करने की कोशिश संत समाज किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
तत्काल माफी मांगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष
हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस नेता अयोध्या आकर भगवान श्रीराम और संतों का आशीर्वाद लेने की बात करते हैं और दूसरी ओर उसी दौरान ऐसे आयोजन कराते हैं, जो सनातन समाज की भावनाओं को आहत करते हैं। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अयोध्या में उसकी आस्था क्या है और वह रामनगरी की मर्यादा का कितना सम्मान करती है। अजय राय से तत्काल माफी मांगने की मांग की।
