तेज आंधी, बारिश अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ गई। शुक्रवार रात आंधी-बारिश के चलते जिले भर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। बिजली निगम के अनुसार जिले भर में करीब 50 से ज्यादा बिजली के पोल गिर गए या झुक गए जबकि छह स्थानों पर ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही लगभग 24 स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए। इसके चलते शहर से लेकर गांवों तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अधिकांश क्षेत्रों में पूरी रात बिजली गुल रही और शनिवार दोपहर तक भी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। मौसम विभाग ने बीते 48 घंटों में जिले में 42 मिमी बारिश दर्ज की है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शुक्रवार रात करीब नौ बजे शुरू हुआ आंधी और बारिश का दौर शनिवार सुबह तीन बजे तक चलता रहा। इस बीच रुक-रुककर कई बार तेज बारिश हुई। रात करीब 10:30 बजे 60 से 70 किमी की रफ्तार से चली आंधी ने नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति को थाम दिया। लगभग 15 मिनट तक इटावा-कानपुर नेशनल हाईवे पर वाहन चालक हवाओं के कम होने का इंतजार करते नजर आए।

आंधी शुरू होते ही सुरक्षा के मद्देनजर जिले की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। बारिश थमने के बाद जब आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया तो जगह-जगह पोल टूटे, लाइनें क्षतिग्रस्त और ट्रांसफार्मर फुंके मिलने से फाल्ट सामने आते गए। बिजली निगम की टीमें रातभर मरम्मत कार्य में जुटी रहीं, लेकिन कई इलाकों में आपूर्ति बहाल करने में घंटों लग गए।

शहर के लाइनपार क्षेत्र में रात 12 बजे बिजली आई, लेकिन दो घंटे बाद फिर आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद सुबह चार बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। एकता कॉलोनी, विकास कॉलोनी, सिविल लाइन, चौगुर्जी, आवास विकास और नौरंगाबाद समेत कई मोहल्लों में रातभर बिजली की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर बिजली सुबह होने के बाद ही बहाल हो सकी। लोगों ने बिजली निगम के कर्मचारियों से संपर्क किया तो उन्हें फाल्ट की जानकारी दी गई। उमस से राहत मिलने के बावजूद बिजली संकट के कारण अधिकांश लोगों की रात जागकर गुजरी।



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