धान रोपाई के बाद से किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। लगातार आसमान में उमड़ते बादल निकले जा रहे थे। बारिश के इंतजार का सिलसिला सोमवार रात टूटा। रात से लेकर मंगलवार दिन तक रुक-रुककर अच्छी बारिश हुई। 24 घंटे के अंदर 8.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जो कि इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रही। तापमान में गिरावट के साथ खेत लबालब भरने से किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि शहर से लेकर कस्बों और गांवों में जलभराव के हालात रहे। वहीं रिमझिम बारिश से अजीतमल के मौहारी गांव में एक कच्चा मकान ढह गया ।
बारिश के बाद तापमान में गिरावट के साथ खेत लबालब भर गए। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि शहर, कस्बों और गांवों में जलभराव के हालात बने। गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। दिबियापुर रोड पर मंगलवार 3 अगस्त को जलभराव दिखा। उमरैन और बिधूना के मार्गों पर भी पानी भर गया। सोमवार की रात से मंगलवार सुबह तक हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। धान की फसल को सबसे अधिक लाभ मिला है। मक्का और बाजरा की फसलों को भी आवश्यक नमी मिल गई। बारिश के बाद धान के खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है। इससे फसल की बढ़वार तेज होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि अब करीब 15 दिनों तक सिंचाई की चिंता नहीं रहेगी।