उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन के उरई में ₹1,274 करोड़ की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जनसभा में उन्होंने बुंदेलखंड में कानून-व्यवस्था, सिंचाई, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं तथा बीडा के माध्यम से औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ने का दावा किया।
उरई में योगी ने 1,274 करोड़ की 374 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास, विपक्ष पर साधा निशाना
उरई में ₹1,274 करोड़ की 374 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
योगी ने बुंदेलखंड में विकास और कानून-व्यवस्था पर गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
सपा-कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के लगाए आरोप
बीडा के जरिए 56 हजार एकड़ में औद्योगिक विकास, रोजगार बढ़ाने का दावा
उरई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जालौन के उरई स्थित इंदिरा स्टेडियम में आयोजित जनसभा में 1,274 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बुंदेलखंड में विकास, कानून-व्यवस्था, सिंचाई, उद्योग और रोजगार को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जालौन और कालपी का ऐतिहासिक महत्व रहा है तथा यह रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे की कर्मभूमि रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान बुंदेलखंड विकास से वंचित रहा और क्षेत्र डकैती, लूट तथा असुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझता रहा। उनका दावा था कि भाजपा सरकार बनने के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ और माफिया तंत्र के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई।
योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी घटना का उल्लेख किए कहा कि वर्तमान सरकार ने भूमि माफिया, नकल माफिया और नशा माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता का अभाव था, जबकि मौजूदा सरकार भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने का दावा करती है।
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड में सिंचाई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले यह क्षेत्र सूखे की समस्या से प्रभावित रहता था, लेकिन अब नहरों के विस्तार और जल प्रबंधन के प्रयासों से किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस इलाके की पहचान कभी बीहड़ों और डकैतों से होती थी, वहां अब विकास और निवेश का माहौल बन रहा है।
औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के माध्यम से लगभग 56 हजार एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार, इसका लाभ जालौन सहित पूरे बुंदेलखंड को मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने जालौन की मटर और कालपी के कागज उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत बढ़ावा दिया गया है और इनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिले में गो-संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं तथा रंगौली ग्राम पंचायत गरीबी रेखा से मुक्त हो चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जालौन से एक लाख घरों को जोड़ने की योजना शुरू की जाएगी।
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर केंद्र से मिलने वाले विकास निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध धनराशि का पूरा उपयोग जनहित के कार्यों में किया जा रहा है।
यह जनसभा ऐसे समय आयोजित हुई है जब प्रदेश सरकार बुंदेलखंड में बुनियादी ढांचे, उद्योग और निवेश को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में सामने रख रही है। वहीं विपक्ष लगातार रोजगार, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने सपा पर तीखा हमला बोला कहा कि बुंदेलखंड में खनन से लूटा गया पैसा सैफई में नाच गाने में खर्च होता था अब विकास में लगाया जा रहा है ।ऐसे में जालौन की यह सभा विकास के दावों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला प्रभारी मंत्री संजय गंगवार,विधायक उरई गौरीशंकर वर्मा,माधौगढ़ विधायक मूल चंद निरंजन कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी,जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू क्षेत्रीय मंत्री संजीव उपाध्याय जिला अध्यक्ष उर्विजा दीक्षित एमएलसी रमा निरंजन,एमएलसी बाबूलाल तिवारी, पूर्व सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा,आदि उपस्थित रहे।
