Kanpur: Father, seeking justice for his deceased daughter

नेहा को श्रद्धांजलि देते परिजन
– फोटो : अमर उजाला

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सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत रहीं नेहा परोची ने पिछले साल 18 अक्तूबर को न्यायालय भवन की छठवीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस की विवेचना चल रही है। नेहा की मौत किन कारणों से हुई इसका पता आज तक नहीं चल सका है। न्यायालय में काम करने वाली अपनी दिवंगत बेटी को न्याय दिलाने के लिए पिता आज भी न्यायालय के चक्कर काट रहा है।


घाटमपुर के कोटरा मकरंदपुर निवासी नेहा के पिता गोविंद प्रसाद ने सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पिछले दिनों जिला जज की अदालत में रिवीजन याचिका दाखिल की। इसमें तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिवीजन अमर प्रताप चौधरी, पेशकार राकेश कुमार कमल व चपरासी विपिन कुमार दीक्षित को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश देने की मांग की गई है। आरोप है कि तीनों लोग नेहा को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इसकी जानकारी उसने घरवालों को दी थी। इसी से परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली थी।

वहीं, नेहा के निधन को रविवार को एक साल पूरा हो गया। नेहा के पिता गोविंद प्रसाद अन्य परिजन के साथ कचहरी पहुंचे। न्यायालय भवन के पिछले दरवाजे पर जहां नेहा की गिरकर जान गई थी वहीं पर नेहा का चित्र रखकर श्रद्धांजलि दी। पुष्प अर्पित कर मोमबत्ती जला दो मिनट का मौन रखा। बेटी को न्याय दिलाने के लिए लड़ते रहने का संकल्प दोहराया।

 



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