। हनुमान मंदिर और दो सरकारी स्कूलों से महज 20 फीट की दूरी पर नगर निगम ने 80 टन क्षमता का कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को लोगों के विरोध के बीच मेयर हेमलता दिवाकर ने 7.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित फिक्स्ड कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन और वाशिंग स्टेशन का शिलान्यास किया।

जीवनी मंडी वाटरवर्क्स और आस्था सिटी सेंटर के बीच नाले के किनारे सिंचाई विभाग की जमीन पर बनाए जा रहे कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन का लोग स्कूल और मंदिरों के कारण विरोध कर रहे हैं। शिलान्यास समारोह में मेयर हेमलता दिवाकर ने कहा कि छत्ता जोन के 10 वार्डों का कचरा नए ट्रांसफर स्टेशन से कुबेरपुर भेजा जाएगा।

घरों से कूड़ा लेने वाली गाड़ियां यहां कचरा फेंकेंगी जिसे मशीनों की मदद से बड़े वाहन से भेजा जाएगा। इससे वाहनों की आवाजाही कम होगी। पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि कुबेरपुर तक वाहन कम संख्या में जाएंगे तो ईंधन बचेगा। यहां वाशिंग स्टेशन भी बनेगा, जिससे स्वच्छता कार्य में लगे वाहनों की नियमित सफाई और रखरखाव किया जा सकेगा। इस दौरान नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, एसएफआई सुदेश यादव, पार्षद राकेश जैन, शरद चौहान, हेमंत प्रजापति, अनुज जैन, निशांत सिंह, ऋषभ गुप्ता मौजूद रहे। संचालन अनुराग चतुर्वेदी ने किया।

दुर्गंध में पढ़ेंगे बच्चे, श्रद्धालुओं के साथ हादसों का खतरा

एक्टिविस्ट संजय दीक्षित के साथ क्षेत्र के लोगों ने कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हर दिन 80 टन कचरा यहां आएगा जिससे कूड़ा लदी गाड़ियां दोनों सरकारी स्कूलों की दीवार से सटकर खड़ी होंगी। स्कूल और ट्रांसफर स्टेशन के बीच केवल 20 फीट का रास्ता है। दुर्गंध के बीच बच्चे कैसे पढ़ेंगे। कोने पर हनुमान मंदिर है। वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी तो श्रद्धालुओं के साथ बच्चों के साथ कोई भी हादसा हो सकता है। इसे रोका जाए। उन्होंने कहा कि वह डीएम और कमिश्नर से शिकायत करेंगे।



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