हमीरपुर जिले में छानी खुर्द गांव निवासी रमेश श्रीवास ने डेढ़-दो वर्ष पहले बीमारी के कारण अपना दाहिना हाथ गंवाने वाले रमेश ने हार नहीं मानी। वह एक हाथ से प्रेस का ठेला चलाकर परिवार का पेट पाल रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को हुए हादसे में घर के तीनों चिराग बुझ गए।
निवर्तमान प्रधान प्रतिनिधि अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि रमेश के तीन ही बच्चे थे। बच्चों के शव घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घर के बाहर महिलाओं और रिश्तेदारों की भीड़ जुटी रही। सांत्वना देने पहुंचे लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
