दीपोत्सव के दौरान वीवीआईपी गतिविधियों और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले के तीन अस्पतालों में 60 बेड आरक्षित किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 15 स्थानों पर अस्थायी उपचार केंद्र बनाए जाएंगे। यहां 24 घंटे चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे।
पांच से आठ नवंबर तक प्रस्तावित दीपोत्सव में गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वीवीआईपी और वीआईपी के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में 20-20 तथा श्रीराम अस्पताल में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं।
कंट्रोल रूम, पक्काघाट, लता मंगेशकर चौक, साकेत पेट्रोल पंप, हनुमान गुफा, श्रीरामजन्मभूमि निकास द्वार व पीएफसी, दशरथ महल, रेलवे स्टेशन, कारसेवकपुरम, नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और अंतरराष्ट्रीय बस स्टेशन सहित 15 स्थानों पर उपचार केंद्र बनेंगे। पक्काघाट पर आठ बेड का अस्थायी अस्पताल भी रहेगा।
हनुमानगढ़ी, कारसेवकपुरम, कनक भवन, श्रीरामजन्मभूमि परकोटा, नागेश्वरनाथ, नयाघाट, साकेत पेट्रोल पंप, वीणा चौराहा, हनुमान गुफा और कंट्रोल रूम पर एक-एक एंबुलेंस तैनात रहेगी। अन्य जिलों से भी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मांगे गए हैं। डॉ. देवेंद्र कुमार, सीएमओ ने बताया कि उपचार केंद्रों पर तीन शिफ्टों में स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगेगी। कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं की निगरानी होगी।

