लखनऊ। सरोजनीनगर के भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा है कि भारत को दीर्घायु विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नेतृत्वकर्ता बनना चाहिए। उन्होंने युवाओं से इस क्षेत्र में ज्ञान, कौशल और नवाचार के लिए तैयार होने का आह्वान किया। सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष दीर्घायु बायोटेक कंपनियों ने 18.4 अरब डॉलर का निवेश जुटाया। यह राशि पिछले दस वर्षों के कुल निवेश से भी अधिक है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को अब केवल प्राकृतिक नियति नहीं माना जाता। इसे वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से बेहतर बनाने की चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। कहा कि एआई, स्वास्थ्य सेवा और बायोलॉजी का संगम आने वाले दशकों की सबसे बड़ी औद्योगिक और आर्थिक क्रांतियों में से एक बन सकता है। एआई आधारित दवा अनुसंधान, बायोलॉजिकल एजिंग क्लॉक्स और एपिजेनेटिक रीप्रोग्रामिंग जैसी तकनीकें महत्वपूर्ण हैं। भारत को स्वास्थ्य तकनीक, एआई आधारित औषधि अनुसंधान, बायोटेक्नोलॉजी और निवारक स्वास्थ्य सेवा में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमरता नहीं, बल्कि हर नागरिक को स्वस्थ और सम्मानजनक दीर्घायु जीवन देना लक्ष्य होना चाहिए।

