पीलीभीत जिले में शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी नहीं थमी। लगातार हो रही बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। दोपहर दो बजे के बाद भी बारिश जारी रही। तेज बारिश के चलते शहर की मुख्य सड़कें और कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। जगह-जगह सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई गांवों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फसलों का काफी नुकसान हुआ है। शारदा नदी में 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
शहर के मुख्य स्टेशन मार्ग, बाजार मार्ग, अशोक कॉलोनी और सुनगढ़ी समेत शहर के कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। नाले और नालियां उफनाने तथा कई जगह चोक होने के कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो सकी। गलियों और संपर्क मार्गों पर भी पानी भर गया। कई स्थानों पर लोग घुटनों तक पानी से होकर आने-जाने को मजबूर दिखाई दिए। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई।
बरखेड़ा से लेकर पूरनपुर तक गांवों में जलभराव
लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी साफ दिखाई दिया। बरखेड़ा, बीसलपुर, पूरनपुर, हजारा, मझोला और उमरिया क्षेत्र के तमाम गांवों में बारिश का पानी भर गया। कई स्थानों पर गांवों के रास्ते जलमग्न हो जाने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। खेतों में भी पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। किसानों का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
