अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh

Updated Fri, 12 Jun 2026 08:50 AM IST

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर की दीवारों पर चढ़ी पॉलीमर की परत लाल बलुआ पत्थरों को नुकसान पहुंचा रही थी, जिससे उनमें नमी फंसकर संरचना कमजोर हो रही थी। एएसआई की विज्ञान शाखा अब वैज्ञानिक तरीके से परत हटाकर केमिकल ट्रीटमेंट कर रही है, जिससे मंदिर की आयु बढ़ सके।


Banke Bihari Temple Stones Were ‘Suffocating’ Under Polymer Coating, ASI Begins Scientific Restoration

बांके बिहारी मंदिर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

श्रीबांकेबिहारी मंदिर की नींव और संरचना ही कमजोर नहीं हो रही, बल्कि पूर्व में मंदिर की दीवारों पर लगाए गए पेंट के कारण यहां लगे पत्थर सांस नहीं ले पा रहे थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मंदिर की संरचना का सर्वेक्षण कर हाईपावर कमेटी को रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं एएसआई की विज्ञान शाखा के वैज्ञानिक मंदिर की दीवारों का केमिकल ट्रीटमेंट कराने में मदद कर रहे हैं। दीवारों पर लगी पॉलीमर की परत को हटवाकर वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट किया जा रहा है, जिससे मंदिर के पत्थरों की आयु बढ़ जाएगी।




 



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