गोरखपुर के रामनगर करजहा से कुशीनगर जाने वाली सड़क पर सोमवार देर रात एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया मुस्तफिजुल हसन उर्फ बाबू मुख्तार अंसारी गिरोह का सक्रिय शूटर था। मुस्तफिजुल पर हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर एडीजी वाराणसी जोन की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।


एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह के अनुसार मुस्तफिजुल हसन का नाम पूर्वांचल के कुख्यात अपराधियों में शामिल था। वह मुख्तार गिरोह से जुड़ा हुआ था और गिरोह के खास शूटर अलीशेर के साथ मिलकर कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका था। 

वर्ष 2021 में उसने अलीशेर के साथ मिलकर आजमगढ़ के मेहनगर क्षेत्र में बसपा नेता कलामुद्दीन की हत्या की थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से वह फरार चल रहा था। मामले में उसके खिलाफ कुर्की और उद्घोषणा की कार्रवाई भी हो चुकी थी।



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