पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर पड़ने लगा है। मंगलवार रात गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिठूर स्थित आस्था का प्रतीक ब्रह्मावर्त की खूंटी जलमग्न हो गई। खूंटी के डूबने के साथ ही ख्योरा कटरी क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। आशंका जताई जा रही है कि यदि अगले कुछ दिनों तक जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो सब्जी की फसलें और अमरूद के बगीचे बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
ब्रह्मावर्त खूंटी मंदिर के पुजारी रुपन द्विवेदी ने बताया कि परंपरागत मान्यता के अनुसार खूंटी का डूबना अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी शुरू कर दी है। बुधवार से जलस्तर कम होने की पूरी संभावना है।
