गोमतीनगर में बृहस्पतिवार को पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या के बाद आत्महत्या करने वाला बैंक अफसर मानस बाजपेयी परिचित ऑटो चालक को लेकर आईसीआईसीआई बैंक के बाहर पहुंचा था। वारदात के बाद उसने चालक को गन पॉइंट पर लिया और घर के पास छोड़ने के लिए कहा। पुलिस की छानबीन में पता चला है कि ऑटो चालक मुकेश कुमार सरोज 15 वर्षों से हुसड़िया चौराहे पर ही रहकर ऑटो चला रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक मुकेश ने बताया कि जब मानस ने मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित बैंक के बाहर दिव्या के साथ मारपीट शुरू की तो उसने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर मानस ने असलहा तान दिया। मदद के लिए बढ़े बैंककर्मियों को भी असलहा दिखाकर धमकाया और फिर दिव्या को गोली मार दी। यह देख मुकेश भागने लगा तो मानस ने उसे रोका और गन पॉइंट पर लेकर ऑटो चलाने के लिए बोला। सहमे मुकेश ने मानस को हुसड़िया चौराहे पर घर के पास उतार दिया और भाग निकला।
मानस के घर से दो पिस्तौल और एक तमंचा मिला था। पुलिस पता लगा रही है कि उसे किसने असलहे उपलब्ध कराए थे। पुलिस की एक टीम शुक्रवार को जानकीपुरम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पहुंची, जहां मानस काम करता था। पुलिस ने उसके सहयोगियों से भी पूछताछ की है।
