बुंदेलखंड इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। कुछ दिनों से यहां पारा लगातार 46 डिग्री के पार बना हुआ है। लोगों के लिए चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं मुसीबत बनी हुई हैं। लेकिन, इसका दूसरा और सुखद पहलू भी है। अलसुबह से ही तीखी धूप का सीधा फायदा बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा उत्पादन को मिल रहा है। अकेले मई में यहां सौर ऊर्जा उत्पादन करीब 20 फीसदी बढ़ गया है। इतना ही नहीं यहां 70 मेगावाट का नया प्लांट भी शुरू कर दिया गया है। अगले माह तक कई नए प्लांट शुरू होंगे।
कभी जल संकट और पलायन के लिए पहचाना जाने वाला बुंदेलखंड आज सौर ऊर्जा उत्पादन की बदौलत पूरे प्रदेश में चमक रहा है। बुंदेलखंड में करीब 25 हजार एकड़ जमीन पर सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित कर दिए गए हैं। इसमें ज्यादातर जमीन बंजर है। यहां अभी तक 885 मेगावाट यूटिलिटी स्केल सौर पावर परियोजना में उत्पादन हो रहा है। मई 2026 में इसमें करीब 17 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह 336 मेगावाट की ओपेन एक्सेस सौर परियोजनाओं में भी करीब छह मेगावाट की वृद्धि हुई है।
लंबे समय तक धूप मिलने से फायदा
यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेंद्र कुमार बताते हैं कि करीब 20 फीसदी वृद्धि की वजह सुबह छह बजे से पहले सूर्योदय और शाम छह बजे के बाद सूर्यास्त होना है। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक सूर्य की किरणें मिलने से भरपूर उत्पादन हो रहा है। हालांकि, दोपहर के वक्त तापमान 40 डिग्री से अधिक हो जाता है तो उत्पादन प्रभावित होता है। यदि तापमान 40 डिग्री से कम या उसके आसपास बना रहे तो सौर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि का आंकड़ा 30 फीसदी तक जा सकता है।