उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री व निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद की सोमवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। विधानसभा चुनाव के करीब छह माह शेष रहने से पूर्व इस सियासी घटनाक्रम के निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। फिलहाल इसे निषाद पार्टी की सपा की करीबी बढ़ने से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, संजय निषाद ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है।
संजय ने कहा कि माता प्रसाद पांडे उनके पुराने साथी और मार्गदर्शक रहे हैं और वह उनकी सेहत का हाल जानने गए थे। उन्होंने सपा के साथ गठबंधन की संभावना पर कहा कि अगर भाजपा अपने दरवाजे बंद करती है, तो वो इस बारे में विचार करेंगे। हम उसके साथ रहेंगे जो निषाद समाज के मुद्दों को हल करेगा और सरकार से जुड़े मामलों को सुलझाने में हमारी मदद करेगा।
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निषाद समाज की कई मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं जिसके बारे में भाजपा नेतृत्व को बता दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि निषाद पार्टी से गठबंधन के बाद भाजपा ने कई सीटों पर जीत हासिल की थी। बता दें, गोंडा में एक कार्यकर्ता की हत्या के बाद संजय निषाद ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।