पंचायत चुनाव मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत जिलेवार आंकड़ों में भारी बदलाव हुआ है। आजगढ़ और गाजीपुर जिलों में सबसे अधिक मतदाताओं के नाम कटे जबकि बलिया और लखीमपुर-खीरी में सबसे अधिक मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि जिन मतदाताओं के नाम कटे वह अयोग्य थे। कुछ की मृत्यु हो चुकी है, तमाम डुप्लीकेट व फर्जी पाए गए। वहीं बड़ी संख्या में मतदाता विस्थापित भी हुए हैं इसलिए आंकड़ों में बदलाव आया है।
पूर्वांचल के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले आजमगढ़ में 8,19,646 नाम सूची से हटाए गए। यहां 7,59,299 मतदाता नए जोड़े गए। पिछली बार की अपेक्षा 60,347 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई। पुनरीक्षण के बाद यहां अब कुल मतदाता 35,76,287 हैं जबकि इसके पहले चुनाव में ये संख्या 36,36,634 थी। गाजीपुर में 7,15,668 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए जबकि 6,20,911 जोड़े गए। इस वजह से कुल मतदाताओं की संख्या 29.06 लाख से घटकर 28.11 लाख रह गई। पिछले चुनाव के कुल मतदाताओं की अपेक्षा इसमें 94,757 मतदाता कम हुए।
आगरा में 4,16,326 नए वोटर जुड़े जबकि 4,39,620 मतदताओं के नाम काटे गए। कुल 23,294 वोटर की कमी हुई। अब यहां कुल वोटर 20.04 लाख रह गई है जो पहले 20.28 लाख थी। वहीं मैनपुरी में 3.07 लाख नाम काटे गए, 2.13 लाख जोड़े गए। ऐसे में यहां मतदाता संख्या 12.20 लाख से घटकर 11.27 लाख रह गई। यहां 93,207 मतदाता कम हुए हैं। वहीं और एटा में 23,429 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई। यहां 2,63,053 मतदाताओं के नाम कटे जबकि 2,39,624 मतदाता जोड़े गए। अब यहां कुल मतदाता की संख्या 11,76,153 हो गई है, जो पहले 11,99,582 थी।
इसके उलट कई जिलों में नए मतदाताओं की मजबूत आमद देखने को मिली। सबसे बड़ी बढ़ोतरी बलिया में दर्ज की गई, जहां 1,60,376 नए मतदाता बढ़े। लखीमपुर खीरी में 1,38,223 मतदाताओं की वृद्धि के बाद कुल मतदाता संख्या 28.87 लाख पहुंच गई। सिद्धार्थनगर में 1,23,162 और कुशीनगर में 1,20,011 मतदाता बढ़े हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन जिलों में नए मतदाताओं की बढ़ी संख्या आगामी पंचायत चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
