हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रविवार को एक अभ्यर्थी को सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) की मुख्य परीक्षा में शामिल होने के संबंध में सुबह बजे सुनवाई की। ग्रीष्म अवकाश के दौरान अपने आवास पर अभ्यर्थी शालिनी पांडेय की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय ने उसे अंतरिम अनुमति देते हुए परीक्षा में शामिल होने का आदेश दिया। यह परीक्षा रविवार को ही सुबह नौ बजे से होनी थी।
मुख्य न्यायमूर्ति की अनुमति से याची अभ्यर्थी ने अधिवक्ता के माध्यम से अर्जेंट सुनवाई का अनुरोध किया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अपनी बहस के दौरान कहा कि न्यायहित में याची को परीक्षा में शामिल किया जाना आवश्यक है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद याची अभ्यर्थी को सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा में लखनऊ के किसी केंद्र में परीक्षा देने की अनुमति दी। लखनऊ पीठ में संभवतः यह पहला मौका है जब किसी मामले की सुनवाई न्यायहित में सुबह छह बजे की गई।
यह है मामला
उप्र लोकसेवा आयोग ने अभ्यर्थी को सिर्फ इस आधार पर मुख्य परीक्षा में शामिल होने से मना कर दिया था कि उसने अपने आवेदन फॉर्म की हार्डकॉपी पेश नहीं की थी। इसी आधार पर आयोग ने उसका आवेदन निरस्त कर दिया था। याची ने आयोग के इस आदेश को चुनौती देकर मुख्य परीक्षा में शामिल होने देने के अर्जेंट निर्देश जारी करने का आग्रह किया था। कोर्ट ने मामले में आयोग को तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देकर अगली सुनवाई 29 जुलाई को तय की है।