मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों को उनके जिले व घर के नजदीकी विद्यालय में तैनाती की व्यवस्था की है। विवाहित महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के पास विद्यालय में म्युचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी। मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में सीएम ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद को सभी शिक्षामित्रों के बैंक खाते खुलवाने का निर्देश दिया गया है। इससे मानदेय सीधे अकाउंट में आएगा।

सीएम ने समारोह में चयनित शिक्षामित्रों को सम्मानित किया और उन्हें बढ़े मानदेय का चेक भी सौंपा। इस दौरान सीएम ने कहा, 2017 से पहले की सरकारों ने नियमों के खिलाफ शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने की कोशिश की, जिसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। उस समय डेढ़ लाख परिवारों पर संकट आ गया था। तब हमने मंत्रिमंडल में फैसला किया कि इनकी सेवाएं समाप्त नहीं करेंगे, बल्कि इनका सहयोग लेंगे।

सीएम ने कहा कि अब ट्रेड यूनियन वाली सोच और नकारात्मक वृत्ति को पूरी तरह त्याग देना होगा। शिक्षक या शिक्षामित्र केवल मांगों पर अड़े रहेंगे, नकारात्मक सोच रखेंगे, तो न केवल बच्चों की नींव कमजोर करेंगे बल्कि पूरे समाज व राष्ट्र को क्षति पहुंचाएंगे। सकारात्मक भाव के साथ कार्य करने वाले ही अच्छी पीढ़ी तैयार कर सकते हैं।

ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बदली विद्यालयों की हालत

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों की हालत बदली गई है। पहले जहां टॉयलेट, पेयजल, फ्लोरिंग, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास की उपलब्धता मात्र 30-36 प्रतिशत थी, वह अब 96-99 प्रतिशत हो गई है। ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत पर आ गई है।

अच्छी सरकार न होने पर परिणाम पश्चिम बंगाल जैसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी जनता की उपेक्षा करेगा, विकास के पैसे पर डकैती करेगा, गुंडों को प्रश्रय देगा और सनातन का अपमान करेगा, उसका सूपड़ा साफ होना तय है। पश्चिम बंगाल की जनता ने ऐसा करके दिखा दिया है। सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा परिणाम लाती है। अच्छी सरकार न होने पर परिणाम पश्चिम बंगाल जैसा होता है।



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