प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों के 12 हजारों शिक्षकों को अभी तक जून का वेतन नहीं मिला है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से वेतन जारी करने से संबंधित ड्राइंग डिस्परिंग ऑफीसर (डीडीओ) में किए गए बदलाव की वजह से वेतन बाधित हुआ है। इससे शिक्षकों में काफी नाराजगी है।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एडेड महाविद्यालयों के शिक्षकों के वेतन के लिए डीडीओ कोड व अधिकार क्षेत्रीय अधिकारियों के पास था। शासन की ओर से इसे अकेंद्रीयकृत करते हुए पिछले दिनों बदल कर कॉलेज के प्रधानाचार्य को डीडीओ कोड दिया जा रहा था। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशक ने भी कहा था कि दिक्कत होगी।
इस बीच वेतन जारी करने का समय आ गया। किंतु डीडीओ को लेकर चल रही ऊहापोह में एडेड के शिक्षकों का वेतन नहीं जारी हो सका। बाद में फिर से डीडीओ कोड के लिए क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को ही अधिकृत किया गया। इस बीच वित्त विभाग के अधिकारी के तबादले की वजह से कुछ दिन बजट नहीं जारी हो सका। अब बुधवार को जून से अगस्त तक के लिए छह अरब 66 करोड़ का बजट जारी किया गया है।
अब शासन की ओर से निदेशालय व निदेशायल क्षेत्रीय को और क्षेत्रीय कॉलेजों को वेतन का बजट जारी करेंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय व महामंत्री डॉ. अंशू केडिया ने बताया कि शासन स्तर से अकेंद्रीकृत व्यवस्था करने की वजह से वेतन जारी होने में दिक्कत हुई है। इसके लिए शासन स्तर पर वार्ता करके सभी चीजें पूरी करा दी गई हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में वेतन शिक्षकों के खाते में पहुंच जाएगा।
