प्रदेश में हुई बारिश और आंधी तूफान की वजह से बिजली की मांग करीब ढाई हजार मेगावाट कम हो गई है। अलग- अलग कारणों से 15 उत्पादन इकाइयां भी बंद हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पा रही है। अचानक होने वाली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं।




प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। यही वजह है कि दो दिन पहले जहां बिजली की मांग 31,894 मेगावाट थी। वह घटकर 29 हजार मेगावाट के करीब है। मांग में कमी के चलते लगभग 15 उत्पादन इकाइयों को आरक्षित बंद किया गया है। इसके बाद भी उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पा रही है। राजधानी लखनऊ सहित विभिन्न जिलों में बिजली की आंख मिचौली से उपभोक्ता परेशान हैं। ग्रामीण इलाके का बुरा हाल है। जौनपुर, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, चित्रकूट सहित तमाम जिलों के ग्रामीण इलाके में 18 के बजाय आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि तीन घंटे बिजली आती है तो एक से दो घंटे गायब रह रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसके पीछे मूल वजह आंधी की वजह से होने वाला लोकल फाल्ट है। क्योंकि लोकल फाल्ट को ढूंढने और उसे दुरुस्त करने में वक्त लग रहा है।



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