डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने एबीसी (एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट) और अपार आईडी को लेकर इस बार सख्त है। पिछले सत्र में बार-बार निर्देश, नोटिस और कार्रवाई के बावजूद महाविद्यालयों ने आईडी लिंकिंग नहीं की थीं। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय ने व्यवस्था में बदलाव कर आवेदन प्रक्रिया के दौरान ही छात्रों की एबीसी–अपार आईडी बनाना अनिवार्य कर दिया है।

प्रभारी प्रो. संजय जैन ने बताया कि प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद जब छात्र संबंधित महाविद्यालय में आवेदन करेंगे, तब यदि उनकी एबीसी–अपार आईडी नहीं बनी होगी तो महाविद्यालय को तत्काल उसे बनाना होगा। इससे वह आगे की शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी प्रक्रियाओं में आने वाली परेशानियों से बच सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों को कई बार नोटिस जारी किए थे।

जुर्माने सहित अन्य प्रशासनिक कार्रवाई भी की, इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों की आईडी लिंक नहीं हो सकीं। इसी वजह से इस बार प्रवेश स्तर पर ही व्यवस्था को लागू किया गया है।

प्रो. जैन ने छात्रों से भी अपील की है कि वे प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपनी एबीसी–अपार आईडी बनवा लें। जिससे प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी न आए।

एनएडी पर भी करना है पंजीकरण

प्रो. संजय जैन ने बताया कि शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं कि इस सत्र से सभी छात्रों का पंजीकरण एनएडी (नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी) और एबीसी (एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट) पोर्टल पर किया जाए। इससे भविष्य में छात्रों को किसी अन्य विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने, प्रतियोगी परीक्षा के आवेदन और किसी सरकारी प्रक्रिया में अपनी शैक्षणिक योग्यता प्रस्तुत के लिए सभी शैक्षणिक क्रेडिट और योग्यता का रिकॉर्ड एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा।

 



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