
यूपी में भाजपा की चुनाव तैयारी।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
खबर वहीं जो सत्य हो©
{“_id”:”6ad584a6989de3b405099fb1″,”slug”:”up-bjp-mlas-are-growing-anxious-about-their-tickets-being-cut-they-are-organizing-morning-processions-agains-2026-10-19″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”यूपी: भाजपा विधायकों में बढ़ी अपना टिकट कटने की बेचैनी, सरकार और संगठन की लगा रहे हैं प्रभातफेरी”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

यूपी में भाजपा की चुनाव तैयारी।
– फोटो : अमर उजाला।
सत्ता का हैट्रिक लगाने के लिए एसआईआर के जरिए भाजपा भले ही एक-एक वोट सहेजने में जुटी है., लेकिन ऐसे तमाम विधायकों की प्राथमिकता में अब एसआईआर के स्थान पर टिकट बचाना शामिल हो गया है। टिकट कटने की चर्चाओं ने उन विधायकों की चिंताएं बढ़ा दी है, जिनको टिकट कटने का अंदेशा है। सरकार और पार्टी संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, लेकिन टिकट कटने की आशंका से घिरे विधायक अपनी राजनीतिक जमीन सुरक्षित करने में जुटे हैं। समर्थकों की लामबंदी से लेकर स्थानीय संगठन के साथ समीकरण बैठाने तक, उनकी कवायद का केंद्र अपनी दावेदारी मजबूत करना है। चुनाव से पहले बदली यह प्राथमिकता पार्टी के अभियान की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।
भाजपा में मौजूदा विधायकों के कामकाज, क्षेत्र में सक्रियता, जनता के बीच छवि और संभावित एंटी-इंकंबेंसी के आकलन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसके साथ ही जातीय समीकरण और स्थानीय संगठन की राय को भी प्रत्याशी चयन में अहम माना जा रहा है। ऐसे में जिन विधायकों को अपनी दावेदारी कमजोर पड़ने का अंदेशा है, वे समर्थकों को सक्रिय करने और संगठन के प्रभावशाली पदाधिकारियों के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं। कुछ के लिए नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाना भी प्राथमिकता बन गया है।