प्रदेश में होमगार्ड जवानों के 41,424 पदों पर भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम सितंबर में जारी होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवानों को सीपीआर और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया। वह रविवार को होमगार्ड संगठन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसको अधिक सक्षम, प्रशिक्षित, तकनीकी दक्ष और आधुनिक बनाना चाहिए। पुलिस व होमगार्ड का जवान समाज का फर्स्ट रिस्पांडर होता है। किसी भी घटना में पीड़ित के पास सबसे पहले यही पहुंचते हैं, इसलिए इन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड की अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग दी जाए और गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में भी बताया जाए।




बैठक में बताया गया कि 3812 होमगार्डों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। वहीं 1,091 स्वयंसेवकों को अग्नि बचाव तथा 425 को बाढ़ बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को पुलिस के प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग की 104.80 करोड़ रुपये लागत वाली 20 निर्माण परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। सेवाकाल में मृत्यु की स्थिति में नामित आश्रित को 5 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जा रही है। दिसंबर 2020 से अबतक 3153 मामलों में 157.65 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि वितरित की जा चुकी है। अप्रैल 2022 से अब तक 125 दिवंगत होमगार्ड स्वयंसेवकों के आश्रितों को विभिन्न बैंकिंग बीमा योजनाओं के माध्यम से 30 लाख से 45 लाख रुपये तक की बीमा सहायता प्राप्त हुई है। केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को राज्य स्तरीय अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है।



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