पंचायत सहायक गांवों में बने सचिवालय में बैठने में रुचि नहीं लेते और झोले में ही सिस्टम संचालित करते हैं। मोबाइल पर एप से काम करते हैं और फाइलों को झोले में लेकर चलते हैं।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
पंचायत सहायक गांवों में बने सचिवालय में बैठने में रुचि नहीं लेते और झोले में ही सिस्टम संचालित करते हैं। मोबाइल पर एप से काम करते हैं और फाइलों को झोले में लेकर चलते हैं।
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