राम मंदिर में चढ़ावा और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी ने रविवार को लगभग साढ़े सात घंटे तक गहन पड़ताल की। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और लता चौक से रामकथा पार्क की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया। वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई, जबकि श्रद्धालुओं के सरयू तट की ओर आवागमन के लिए पैदल मार्ग खुला रखा गया।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी टीम ने जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की और जिन बिंदुओं पर संदेह व्यक्त किया गया है, उनसे संबंधित लोगों से पूछताछ भी की। टीम ने मंदिर परिसर में मौजूद संबंधित अभिलेखों और व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।
जांच के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य गोपालराव भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे। वह शाम करीब 5:49 बजे मंदिर से बाहर निकले और लगभग 6:49 बजे पुनः मंदिर परिसर में पहुंचे। एसआईटी की टीम रात करीब 10:30 बजे जांच पूरी कर बाहर निकली।
बताया जा रहा है कि जांच टीम को अपनी संपूर्ण रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर शासन को सौंपनी है। पहले दिन की कार्रवाई में टीम ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों और बिंदुओं पर जानकारी जुटाई, जिनके आधार पर आगे की जांच को अंतिम रूप दिया जाएगा।
