ट्रस्ट की जो रकम आरोपियों ने पार की है, वह उनसे ही रिकवर की जाएगी। नकद बरामदगी के अलावा आरोपियों की संपत्तियों के जरिये उसी की भरपाई होगी। यही वजह है कि पुलिस आरोपियों की उन संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है, जिनको चोरी की रकम के जरिये बनाया गया है। वहीं पुलिस की जांच में करीब पांच और गणनाकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उनसे पूछताछ जारी है। सुबूतों की तस्दीक करने के बाद गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की संपत्तियों का जब्तीकरण किया जाता था। इस प्रक्रिया में लंबा वक्त लगता था। लेकिन बीएनएसएस की धारा-107 के तहत कड़ा प्रावधान किया गया है, जिसमें इस तरह के अपराध में अवैध व अपराध के जरिये अर्जित संपत्तियों से भरपाई करने का प्रावधान है। इस तरह की पहली कार्रवाई रायबरेली पुलिस ने की थी।
इसी तरह की कार्रवाई अब अयोध्या पुलिस करेगी। पुलिस विवेचना के दौरान पूरा आकलन कर रही है कि आखिर ट्रस्ट की कितनी रकम और कितने का सोना-चांदी आदि आरोपियों ने पार किया। दूसरी तरफ आरोपियों की संपत्तियों का आकलन जारी है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि मंदिर से जुड़ने के बाद किसकी कितनी संपत्ति बढ़ी। अब तक की जांच में कई गुना संपत्ति बढ़ी पाई गई है। बहुत जल्द पुलिस इन संपत्तियों के जरिये ट्रस्ट के नुकसान की भरपाई करेगी।