अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब नगर निगम तक पहुंच गई है। इस मामले के आरोपियों और उनके परिवार के 54 सदस्यों की संपत्तियां नगर निगम, एलडीए और आवास विकास में खंगाली जा रही हैं। यह पता किया जा रहा है पिछले दो साल में आरोपियों ने शहर में कितनी जमीन, मकान, फ्लैट और दुकानें खरीदीं। जांच को लेकर जिलाधिकारी की ओर से पत्र भी संबंधित विभागों को भेजा गया है।
संपत्तियों की जांच को लेकर अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रदीप वर्मा की ओर से जो पत्र जारी किया गया है उसके तहत मकान, प्लाॅट और दुकानों के अलावा कृषि वाली जमीनों की जांच की जा रही है। इसके लिए जिले के सभी उपजिलाधिकारियों और सहायक महानिरीक्षक स्टाम्प प्रथम व द्वितीय को भी पत्र भेज गया है। यह जांच अयोध्या के एसएसपी के पत्र के आधार पर शहर में कराई जा रही है।
जिनकी तलाशी जा रहीं संपत्तियां उनमें यह हैं प्रमुख
अविनाश शुक्ला, रामसजीवन शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, रामशंकर मिश्र, रामशंकर यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अशीष शुक्ला उर्फ अमित शुक्ला, अनुज शुक्ला, संजू शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, रवींद्र मिश्रा, नीलम मिश्रा, खुशी, सीता, रामप्रसाद मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, ऊषा देवी, अखिलेश पांडेय, योगेश पांडेय, अर्चना तिवारी, अर्पिता पांडेय, अर्पित मिश्रा, सन्नी यादव, छेदूलाल, विवेक मिश्रा, सुमन देवी, पुष्पलता, पूनम देवी, महिमा, शैलेंद्र कुमार यादव, सुभाष श्रीवास्तव, क्षितिज श्रीवास्तव और निहारिका श्रीवास्तव आदि शामिल हैं।
