रविवार की शाम गोमती नगर का इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। पत्रकारपुरम चौराहे के पास दो गुटों में हुई मामूली कहासुनी ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दबंगों ने पहले लाठी-डंडों से मारपीट की और फिर पुलिस की मौजूदगी के बाद भी दोबारा आकर खुलेआम फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी की चपेट में आकर एक रेस्टोरेंट का बावर्ची गंभीर रूप से घायल हो गया है।
चाय की दुकान पर शुरू हुआ विवाद
घटना रविवार शाम करीब 7:00 बजे की है। विनयखण्ड निवासी राम मोहन दीक्षित अपने साथी अंकित राठौर के साथ पत्रकारपुरम चौराहे के पास मनीष ईटिंग प्वाइंट के बगल में एक चाय की दुकान पर खड़े थे। इसी बीच विनम्रखण्ड का रहने वाला प्रणव शुक्ला अपने साथियों—अभय प्रताप सिंह, विष्णु स्वरूप द्विवेदी और 6-7 अन्य लड़कों के साथ वहाँ पहुँचा। किसी पुरानी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दबंगों ने अंकित और राम मोहन को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।
पुलिस को देख भागे आरोपी, एक हिरासत में
सरेराह मारपीट की सूचना मिलते ही गोमतीनगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस की गाड़ियां देखकर हमलावरों में हड़कंप मच गया और अधिकांश आरोपी मौके से भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी करके मुख्य आरोपी प्रणव शुक्ला को मौके पर ही दबोच लिया। इस मारपीट में राम मोहन दीक्षित और आरोपी प्रणव शुक्ला दोनों को चोटें आईं, जिन्हें इलाज और मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल भेजा गया है।
दुस्साहस: पुलिस की मौजूदगी में दोबारा आए और की फायरिंग
हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस के मौके पर होने के बावजूद आरोपियों के हौसले पस्त नहीं हुए। शुरुआती कार्रवाई के दौरान ही आरोपी अभय प्रताप सिंह अपने कुछ अन्य साथियों के साथ बाइकों पर सवार होकर दोबारा मौके पर आ धमका। इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
दबंगों द्वारा चलाई गई एक गोली वहाँ स्थित मनीष ईटिंग प्वाइंट के रसोइए अखिलेश (निवासी बाराबंकी) की पीठ में जा लगी। गोली लगते ही अखिलेश लहूलुहान होकर गिर पड़ा, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी बाइकों से हवा में असलहे लहराते हुए फरार हो गए।
घायल रसोइया खतरे से बाहर, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
घायल रसोइए अखिलेश को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी स्थिति अब सामान्य है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
