नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपये लेने और वापसी का दबाव बढ़ने पर डॉक्टर ने अपने अपहरण की झूठी सूचना दे दी। मड़ियांव पुलिस और सर्विलांस टीम ने उन्हें गुजरात के अहमदाबाद स्थित होटल से सकुशल बरामद कर गिरफ्तार कर लिया। जांच में अपहरण की पुष्टि नहीं हुई।
डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मड़ियांव निवासी डॉ सत्यरत्न दीक्षित की पत्नी शिप्रा यादव ने छह अक्टूबर को पति के अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत की थी। सूचना थी कि दो स्कॉर्पियो से उनका पीछा किया जा रहा है और उनका अपहरण हो गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की तो अहमदाबाद में मिली। संयुक्त टीम ने विट्ठल मॉल की चौथी मंजिल पर स्थित होटल श्रीमद से सत्यरत्न को सकुशल बरामद किया।
डीसीपी के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि सत्यरत्न ने कई लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लिए थे। आरोप है कि उन्होंने एलडीए, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और पीडब्ल्यूडी में नियुक्ति के लिए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने की बात कहकर लोगों को बुलाया था। नौकरी न मिलने पर लोग रुपये वापस मांग रहे थे। दबाव बढ़ने पर उन्होंने डायल-112 पर पीछा किए जाने की झूठी सूचना दी, मोबाइल बंद किया और कार पुरनिया चौराहे के पास खड़ी कर चारबाग से साबरमती एक्सप्रेस पकड़कर अहमदाबाद चले गए।
डीसीपी ने बताया कि प्रखर पांडेय की तहरीर पर सत्यरत्न के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित नियुक्ति पत्र तैयार करने के आरोप में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
