NHM Staff Strike Disrupts TB Treatment, Patients Struggle for Medicines

टीबी सेंटर भी बंद
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की हड़ताल से अब स्थिति बिगड़ती जा रही है। टीबी सेंटर भी बंद हैं और मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। दवाओं के लिए मरीज चक्कर काट रहे हैं, इससे बीमारी की गंभीरता बढ़ने का खतरा है।


राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 1351 स्टाफ सेवारत हैं। इसमें डॉक्टर, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ शामिल है। ये सभी आठ अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। इससे टीबी नियंत्रण अभियान पर भी असर पड़ा है। जिले में 847 डाॅट्स सेंटर, 48 सीएचसी-पीएचसी, 30 शहरी स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज में टीबी केंद्र संचालित हो रहे हैं। एनएचएम स्टाफ की हड़ताल के कारण अधिकांश बंद हैं। इससे दवा लेने आए मरीजों को लौटना पड़ रहा है। कई ऐसे मरीज भी हैं, जिनकी दवाएं खत्म हो चुकी हैं। सीएमओ ऑफिस स्थित टीबी केंद्र पर अपने परिजन को दवा दिलाने आए देवेंद्र सिंह ने बताया कि दवा खत्म हो गई है, यहां सेंटर बंद होने के कारण चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

24 घंटे में हड़ताल खत्म करने की दी चेतावनी

 सीएमओ ने एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के पूरी तरह से प्रभावित होने के बारे में लिखा है। 24 घंटे में हड़ताल खत्म न करने पर आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि टीबी मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है। संबंधित को नोटिस जारी किया है।

अल्ट्रासाउंड-खून की जांच को घंटों इंतजार करना पड़ राह है।

 एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से लेडी लॉयल में भी चिकित्सकीय सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। यहां पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों को आगे की तारीख मिल रही है। जगदीशपुरा के आदिल ने बताया कि पत्नी की खून की जांच के लिए चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। प्रमुख अधीक्षिका डॉ. पुष्पलता ने बताया कि ज्यादातर स्टाफ कार्य कर रहा है, कुछ के न आने से जांच में समय लग रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें