उरई। धंतौली गांव में गुरुवार को फाल्ट ठीक करते समय प्राइवेट लाइनमैन को करंट लग गया। वह नीचे गिर गया। मेडिकल कॉलेज में उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, परिजनों का आरोप है कि अधिकारी 15 दिन से उसे नौकरी का झांसा देकर काम करवा रहे थे।

जालौन कोतवाली क्षेत्र के धंतौली गांव निवासी रितेश कुमार जाटव (25) की गुरुवार की शाम को करंट लगने से मौत हो गई। चचेरे भाई विशाल ने बताया कि एट थाना क्षेत्र के हरदोई गूजर फीडर में तैनात अधिकारियों ने 15 दिन पहले लाइनमैन के पद पर नौकरी लगवाने की बात कहकर रितेश को अपने साथ रख लिया था। आरोप है कि गुरुवार को अफसरों ने उसे फोन कर बुलाया और गांव में फाल्ट सही करने के लिए कहा। उस समय एक लाइनमैन भी मौजूद था।

लाइनमैन ने बताया कि शटडाउन ले लिया है। इस पर रितेश खंभे पर चढ़ गया। वह लाइन सही कर रहा था कि अचानक सप्लाई शुरू कर दी गई। इससे रितेश बुरी तरह से झुलसकर नीचे गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे उठाकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टर ने यहां उसे मृत घोषित कर दिया।

विशाल का आरोप है कि अफसरों की लापरवाही की वजह से ही उसके भाई की मौत हुई है। अगर सप्लाई चालू न करते तो शायद उसका भाई जिंदा होता। बताया कि उसकी शादी नहीं हुई थी। वह अपने पिता जगत नारायण का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से मां अरुणा सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पिता का कहना है कि नौकरी के लालच में बेटा 15 दिन से काम कर रहा था। उसे नौकरी तो नहीं मिली लेकिन उसकी जान जरूर चली गई। कोतवाल अजीत सिंह का कहना है कि युवक की करंट से मौत हुई है। जांच की जा रही है।

टीजीटू प्रवेश का कहना है कि युवक उनके पास बीस दिन पहले आया था। इस पर उसने जेई से बात करवाने की बात कही थी। वह खंभे पर किसके कहने पर चढ़ गया, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है।

मृतक युवक हमारे यहां किसी भी पद पर नहीं था। भर्ती से पहले कागजी कार्रवाई की जाती है। इसके बाद भी जांच कराई जाएगी। अगर कोई कर्मचारी दोषी मिलता है, तो कार्रवाई की जाएगी।

जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता बिजली निगम



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