खेरागढ़। सरकार की आवास योजनाओं के दावों के बीच खेरागढ़ के गांव भोपुर की रहने वाली एक विधवा महिला आज भी पक्की छत के इंतजार में भटकने को मजबूर है। आरोप है कि वर्ष 2020 से लगातार सरकारी आवास के लिए आवेदन करने के बावजूद उसे अब तक आवास योजना से आवास नहीं मिल सका है।

पीड़िता वर्षा पत्नी स्व. हरिओम ने खंड विकास अधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि बीते वर्ष विकलांग पति की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई है। उसके साथ दो नाबालिग बच्चे हैं और परिवार के रहने के लिए कोई पक्का मकान नहीं है। वह फूस की झोपड़ी में जीवन यापन कर रही थी, हाल ही में आई आंधी और बारिश ने उसकी वह झोपड़ी भी उजाड़ दी। झोपड़ी क्षतिग्रस्त होने से खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर है। मेहनत मजदूरी करके बच्चों का भरण पोषण कर रही है।

पीड़िता का कहना है कि पिछले छह वर्षों से वह और दिवंगत पति सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं और आवास के लिए प्रार्थनापत्र देती आ रही है, लेकिन उसे आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। खंड विकास अधिकारी सुष्मिता यादव का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी, पात्रता की श्रेणी में हैं तो अवश्य ही आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।



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