चकरनगर। हनुमंतपुरा कस्बे में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए साल 2025 में नाला निर्माण स्वीकृत हुआ था। यह नाला सिंडौस रोड स्थित तालाब से हनुमंतपुरा चौराहा तक बनना था। इसकी लागत 21.16 लाख रुपये तय की गई थी। एक साल बीतने के बाद भी इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है। प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही से क्षेत्र की लगभग पांच हजार की आबादी को परेशानी होगी।

कस्बे में हर वर्ष बारिश में सड़कें और गलियां पानी से भर जाती हैं। कई घरों में पानी घुसने से दुकानदार और परिवारों को दूसरी जगह शरण लेनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निविदा प्रक्रिया पूरी हुए लगभग एक साल हो गया, पर काम शुरू नहीं हुआ। प्रशासन भी इसकी अनदेखी कर रहा है। नए नाले का निर्माण तो दूर, पुराने नालों की भी समय पर सफाई नहीं हुई है। इससे इस बार जलभराव की समस्या और गंभीर होने की आशंका है।

ग्रामीणों का कहना है कि समय पर काम शुरू होता तो इस वर्ष राहत मिलती। लोगों ने जिला प्रशासन से लापरवाह ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने तत्काल नाला निर्माण शुरू कराने को कहा है। साथ ही पुराने नालों की सफाई कराने की भी मांग की गई है।

हनुमंतपुरा निवासी व्यापारी देवेंद्र दुबे का कहना है कि नाला निर्माण को लेकर कस्बे के लोगों ने कई बार शिकायत की है इसके बाद भी दस माह बाद भी नाले का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। प्रशासन को टेंडर निरस्त कर किसी और से काम शुरू कराना चाहिए।

कस्बा निवासी सोबरन सिंह ने बताया कि नाला निर्माण न होने से कस्बा में लोगों के घरों और दुकानों के अंदर पानी भर जाता है। इससे गृहस्थी और दुकानों का काफी सामान बर्बाद हो जाता है। हर साल लोगाें को बड़ा आर्थिक नुकसान होता है।

वर्जन

ठेकेदार से कई बार पत्राचार किया गया है। ठेकेदार का कहना है कि परिजन के बीमार होने के कारण कार्य शुरू नहीं कर सका। अगले सप्ताह से ही काम शुरू किया जाएगा। अगर काम शुरू नहीं होता तो टेंडर निरस्त किया जाएगा।

-रोहित कुमार, जेई जिला पंचायत



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