आगरा के शाहजहां गार्डन में टहलने के लिए आने वाले मॉर्निंग वॉकर्स से अवैध वसूली करने पर भ्रष्ट ठेकेदार पर प्रशासन का बड़ा चाबुक चला है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच के बाद दोषी ठेकेदार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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जिलाधिकारी मनीष बंसल के पास ठेकेदार की मनमानी की शिकायतें पहुंची थीं। डीएम ने इस पर अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए। जांच टीम ने जब मौके पर जांच की तो ठेकेदार की करतूतों का कच्चा चिट्ठा खुलकर सामने आ गया। पता चला कि ठेकेदार निविदा (टेंडर) की शर्तों को ताक पर रखकर निर्धारित समय के बाद भी सुबह और शाम को टहलने आने वाले नागरिकों से प्रवेश शुल्क वसूल रहा था। इतना ही नहीं, अपनी इस अवैध कमाई को छुपाने के लिए वह टिकटों पर आने का समय तक दर्ज नहीं कर रहा था और पार्किंग टिकटों में भी भारी हेरफेर और अनियमितताएं पाई गईं।
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इस लूटखसोट पर कड़ा रुख अपनाते हुए राजकीय उद्यान अधीक्षक ने ठेकेदार को तत्काल कारण बताओ नोटिस थमाकर 10 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित कर दिया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पार्क परिसर में प्रवेश शुल्क, पार्किंग रेट और समय का स्पष्ट बोर्ड तुरंत लगाया जाए और अगर भविष्य में जनता को परेशान करने की जरा भी कोशिश की गई तो सीधे ब्लैकलिस्ट करते हुए टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने चेताया है कि आम जनता के शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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