आगरा। सर्व एसआरके मॉल स्थित बर्गर किंग आउटलेट पर खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में 1.60 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई फ्रेंच फ्राइज तलने के लिए अधोमानक रिफाइंड पामोलीन तेल के इस्तेमाल पर की गई है। एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान की कोर्ट ने कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है।

यह जुर्माना बर्गर किंग प्रतिष्ठान, कंपनी के नॉमिनी केके जैन और सहायक प्रबंधक पूरन चंद्र यादव पर लगाया गया है। बर्गर किंग प्रतिष्ठान पर 75 हजार रुपये, केके जैन पर 50 हजार रुपये और पूरन चंद्र यादव पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। मामला 30 अगस्त 2022 का है, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी गंगवार की टीम ने आउटलेट पर छापा मारा था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्राहकों के लिए फ्रेंच फ्राइज तलने में गुणवत्ताहीन तेल का प्रयोग हो रहा था।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके से 2000 मिलीलीटर तेल का नमूना लिया था। इस नमूने को जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषक लखनऊ भेजा गया। 24 सितंबर 2022 को आई लैब रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि तेल घटिया और मानव उपभोग के लिए अधोमानक था। इस रिपोर्ट के आधार पर एडीएम सिटी कोर्ट ने 22 मई 2023 को बर्गर किंग को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

कंपनी प्रबंधन ने अदालत में अपना बचाव पेश करने की कोशिश की। उन्होंने तर्क दिया कि तलने की प्रक्रिया के दौरान तेल के रासायनिक गुण बदल जाते हैं। कंपनी ने जांच प्रक्रिया में देरी का भी हवाला दिया। हालांकि, अदालत ने कंपनी की इन सभी दलीलों और सफाई को मनगढ़ंत बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने इसे सीधे तौर पर उपभोक्ता सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि यदि एक महीने के भीतर जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो इसे भू-राजस्व की तरह वसूल किया जाएगा।



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