लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास (एआईएच) विभाग की सहायक प्रोफेसर अंशु चौधरी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने बृहस्पतिवार को डॉ. अनिल कुमार यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का अंतिम मौका दिया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय पिछले 26 महीने से मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सहायक प्रोफेसर के पति प्रोफेसर अनित्य गौरव विश्वविद्यालय में प्रवेश समन्वयक हैं। इसी कारण विश्वविद्यालय से मांगी गई आरटीआई का जवाब भी नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को निर्धारित अवधि में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।
