आगरा। आगरा कमिश्नरेट की पुलिस अब सिर्फ कागज और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रही है। विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से काम शुरू हो गया है। जन शिकायतों की मॉनिटरिंग से लेकर जेनजी-जेन अल्फा की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया का आकलन किया जाएगा। समाधान भी खोजे जाएंगे। यातायात व्यवस्था में भी मदद ली जाएगी। कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधन में भी इसका प्रयोग किया जाएगा।
डीसीपी ट्रैफिक का पद संभाल रहे आईपीएस सोनम कुमार की पहल पर पुलिस कमिश्नरेट में प्रज्ञा डेटा सेंटर बनाया गया है। मंगलवार को सेंटर का उद्घाटन पुलिस आयुक्त दीपक कुमार, अपर पुलिस आयुक्त सचिंद्र पटेल ने किया। डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि इस सेंटर के माध्यम से फीडबैक और शिकायतों का डेटा एनालिटिक्स एवं एआई के माध्यम से विश्लेषण किया जाएगा।
जेनजी-जेन अल्फा सहित युवाओं की ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाने वाली समस्या और फीडबैक की पहचान की जाएगी। उसका समाधान किया जाएगा। शिकायतों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग से प्रभावी निस्तारण हो सकेगा। युवाओं से जुड़े मुद्दों, डिजिटल सुरक्षा और सकारात्मक युवा सहभागिता से संबंधित इनपुट का विश्लेषण किया जाएगा। इसके साथ ही डेटा सेंटर से मिले इनपुट का प्रयोग कर यातायात व्यवस्था, कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जाएगा।
वर्जन
प्रज्ञा डेटा सेंटर आगरा पुलिसिंग में तकनीक एवं डेटा के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्राप्त सूचनाओं एवं डेटा का विश्लेषण कर जनसमस्याओं की बेहतर पहचान, प्राथमिकता निर्धारण एवं समयबद्ध समाधान में सहायता मिलेगी। -दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त
यूपीएससी की तैयारी के लिए भी बनाया था ऐप
सोनम कुमार बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग किया है। नोएडा में एक अमेरिकन कंपनी में वर्ष 2013 तक नौकरी की। नौकरी के दौरान तैयारी की। वर्ष 2016 बैच के आईपीएस बने। यूपीएससी की तैयारी के लिए यूपीएससी प्रिपरेशन ऐप बनाया था। विभाग में आने के बाद उनके बनाए ई-चुनाव ऐप लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के कई जिलों में प्रयोग किया गया। पुलिस की ड्यूटी लगाने में आसानी हुई। एएसपी मुरादाबाद रहते हुए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम तैयार किया। आगरा में भी एक दर्जन से अधिक ऐप तैयार कर चुके हैं।
