बाह। शौरीपुर-बटेश्वर से भगवान श्रीकृष्ण का गहरा नाता है। बटेश्वर के खंडहरों में उनसे जुड़े स्मृति चिह्न आज भी मौजूद हैं। इतिहासकार डॉ. शिवशंकर कटारे ने बताया कि भगवान कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न और पौत्र अनुरुद्ध के नाम पर पदमनखेड़ा और औंध खेड़ा नाम के दो मोहल्ले थे। जिन्हें आज भी पूरनखेड़ा के नाम से लोग पुकारते हैं। कंस वध का बदला लेने के लिए उसके ससुर जरासंध ने शिशुपाल के साथ मथुरा में हमला किया तो कृष्ण और बलदाऊ शौरीपुर-बटेश्वर आकर ठहरे थे।

जैन सिद्ध क्षेत्र तीर्थ शौरीपुर-बटेश्वर के उपमंत्री विनोद जैन ने बताया कि श्रीकृष्ण भगवान नेमिनाथ के चचेरे भाई थे। भगवान नेमिनाथ का शौरीपुर में भव्य मंदिर बना है। जिसके शिलापट पर दोनों का इतिहास अंकित हैं। इतिहास के पन्नों पर जमी धूल की परत पर विकास की चमक दिखने लगी है। प्रदेश सरकार बटेश्वर के साथ शौरीपुर का विकास करा रही है। दिगंबर समाज का भगवान नेमिनाथ का पहले से भव्य मंदिर बना है। श्वेतांबर जैन समाज ने भगवान नेमिनाथ का भव्य मंदिर बनवाया है।

कंस करार की जनश्रुति

बटेश्वर में द्वापरकालीन वन खंडेश्वर महादेव मंदिर है। यमुना की प्राचीन धारा बटेश्वर और कलींजर के मध्य से होकर बहती थी। जनश्रुति के मुताबिक वध के बाद कृष्ण ने कंस के शव को यमुना नदी में बहा दिया था। शव बटेश्वर में यमुना की जिस करार (टीले) से टकराया था, उसे आज भी कंस करार के नाम से जानते हैं। बटेश्वर के नरेंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि पूर्वजों से कंस करार की जनश्रुति से सुनते चले आए हैं।

शौरीपुर से मथुरा गई थी वासुदेव की बरात

– शौरीपुर से वासुदेव की बरात मथुरा गई थी। भागवताचार्य रामानंद शर्मा ने बताया कि कंस रथ से वासुदेव और देवकी को शौरीपुर छोड़ने के लिए आ रहा था। तभी आकाशवाणी हुई, देवकी की कोख से जन्म लेने वाली आठवीं संतान कंस का काल होगी। तब कंस ने वासुदेव और देवकी को मथुरा के कारागार में बंद कर दिया।

सूरसेन ने बसाया शौरीपुर

विनोद जैन, मनीष जैन ने बताया कि सूरसेन के पुत्र समुद्र विजय की संतान 22वें जैन तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ थे। जबकि उनके दूसरे बेटे वासुदेव की संतान भगवान श्रीकृष्ण थे। इस नाते दोनों चचेरे भाई हैं। बटेश्वर मंदिर के पुजारी राकेश बाजपेयी ने बताया कि कृष्ण के पिता वासुदेव शिवभक्त थे, वह वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में नित्य पूजा करते थे।

बाह: शौरीपुर में श्रीकृष्ण के चचेरे भाई भगवान नेमिनाथ का मंदिर

बाह: शौरीपुर में श्रीकृष्ण के चचेरे भाई भगवान नेमिनाथ का मंदिर



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *