आगरा। फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्रों (एनओसी) के सहारे जमीनों और संपत्तियों के नक्शे पास कराने के बड़े खेल के खुलासे के बाद अब जिला प्रशासन ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन ने आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) से पिछले एक साल की अनापत्ति से संबंधित हर एक पत्र और रिपोर्ट तलब की है।
प्रशासन यह कदम धाकरान और गुड़ की मंडी में फर्जी दस्तावेज और एडीएम के फर्जी हस्ताक्षर की मदद से एनओसी तैयार कर नक्शा पास कराने के मामलों के बाद उठाया है। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ सालों में नजूल विभाग की ओर से सौ से ज्यादा मामलों में सरकारी संपत्तियों के संबंध में आपत्ति पत्र जारी किए गए। इन्हीं में धाकरान और गुड़ की मंडी के प्रकरण शामिल थे।
दोनों ही मामलों में नजूल विभाग की आपत्ति का पत्र प्राधिकरण पहुंचने के बावजूद फर्जी एनओसी के आधार पर नक्शे पास कर दिए गए। ऐसे में अब प्रशासन यह जांचने में जुट गया है कि कहीं इस तरह के और भी मामले तो नहीं हैं। इस क्रम में नजूल विभाग अमरेंद्र कुमार वर्मा ने आगरा विकास प्राधिकरण के अफसरों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है।
बता दें, हाल ही में धाकरान और गुड़ की मंडी क्षेत्रों में सरकारी व नजूल जमीनों पर फर्जी एनओसी के जरिये बहुमंजिला और व्यावसायिक इमारतों के नक्शे पास कराने के गंभीर मामले उजागर हुए थे। अमर उजाला ने जब इन मामलों का खुलासा किया तो प्रशासन से लेकर प्राधिकरण तक के अधिकारी हरकत में आ गए। आनन-फानन जांच के बाद दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है।

