श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानपेटिका से धन अनियमितता के आरोपों को लेकर कांग्रेस के युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने चारों शंकराचार्यों को पत्र भेजकर इस गंभीर प्रकरण में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने शंकराचार्यों से अयोध्या आकर संत समाज एवं स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मार्गदर्शन देने का आग्रह किया है।
शरद शुक्ला ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाया जाने वाला धन कोई सामान्य राशि नहीं होती, बल्कि उसमें उनकी आस्था और विश्वास भी निहित होता है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो यह केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों के विश्वास पर भी आघात है।
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जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की उठाई मांग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता ने राम मंदिर में कथित दान अनियमितता के मामले को लेकर सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में सौंपी गई है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इससे सरकार की मंशा पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
प्रियंका गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों पर आरोप लग रहे हैं, उन्हें अब तक न तो पद से हटाया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संबंधित लोगों को बचाने का काम कर रही है। जिस ट्रस्ट पर किसी का ट्रस्ट न रह गया हो उसे भंग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने और चांदी की सिल्ली व आभूषणों की कथित चोरी जैसे मामलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए तथा एक-एक पैसे की वसूली की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ गंभीर विषय है। प्रियंका गुप्ता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत मंडल मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रही थीं।
