आगरा। नेशनल चैंबर ने सरकार से विशेष पैकेज की मांग की है। उद्यमियों को निवेश और सरकारी छूट के प्रति जागरूक करने के लिए 14 से 16 जून तक फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 आयोजित किया जाएगा।
टीटीजेड के कारण नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए व्यापारिक संस्थाओं ने गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों की ओर रुख किया है। नेशनल चैंबर के सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाओं और सरकारी योजनाओं पर चर्चा की गई। चैंबर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने बताया कि टीटीजेड की पाबंदियों के कारण उद्योगों पर कई बंदिशें हैं। ऐसे में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें ईंधन के रूप में एलपीजी या पीएनजी का उपयोग होता है, जो इसे पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) बनाता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए आगरा को एक विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए। खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य लोकेश कुमार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत मिलने वाले आर्थिक लाभों से उद्यमियों को अवगत कराया। खाद्य प्रसंस्करण प्रकोष्ठ के चेयरमैन विकास चतुर्वेदी और चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि 14 से 16 जून तक फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय एक्सपो में खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग तकनीक और उद्योग की बारीकियों पर विशेष सत्र होंगे। इस अवसर पर उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, सिद्धार्थ अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुनील कुमार अग्रवाल, अशोक लालवानी आदि मौजूद रहे।
